Kartik Purnima in Hindi | कार्तिक पूर्णिमा के बारे जानकारी

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शनिवार 4 नवम्बर 2017 को कार्तिक पूर्णिमा का त्योहार है. कार्तिक पूर्णिमा को कार्तिका पूर्णिमा, Tripuri Purnima and Tripurari Purnima भी कहते है, ये हिन्दू और जैन धर्म के लोग इसको मनाते हैं. इस त्यौहार को पुरे भारत में मनाते हैं लेकिन तमिलनाडु, कर्नाटक, श्रीलंका में इसे धूम-धाम से मनाया जाता हैं. जिस दिन कार्तिक पूर्णिमा होताइ उस दिन चाँद पूरी तरह से दिखाई देता है इसका मतलब इस का मतलब पूर्णिमा रहता हैं. कार्तिक पूर्णिमा के दिन पूजा करने के बहुत सफल और सुखदायी बताया गया है. आज आप जानेंगे Kartik Purnima के व्रत विधि के  बारे में.

Kartik Purnima क्यों मनाते हैं

ये त्योहार हर साल दिवाली के 15 दिन बाद होता है. कहा जाता है की इस दिन भगवान श्रीहरि प्रकट हुए हैं. भगवान् विष्णु के इस अवतार की वजह से ये धारणा है की इस दिन दान करने पर पूण्य मिलेगा. इस दिन नदी में नहाना और दीप दान करने से भी पुण्य मिलता हैं.

Kartik Purnima Vrat Vidhi हिंदी में

अगर आप वैशाख, माघ और कार्तिक माह के पूर्णिमा के दिन गंगा या पुष्कर नदी में स्नान करते है तो ये आपके लिए बहुत लाभकारी होगा. इस दिन नदी में स्नान कर भगवान विष्णु की पूजा जरुर करे और सिर्फ एक समय भोजन करे. दुधारू गाय और केला, खजूर, नारियल आदि फलों का दान करने से आपके भाग्य बदल सकते हैं. ब्राह्मण को दान देने से फायदा होता ही है लेकिन भांजा, बहन, बुआ को दान देना भी लाभकारी होता हैं. शाम के समय चंद्रमा को मंत्र पढ़कर अर्घ्य दे, मंत्र निचे लिखा हुआ हैं.

वसंतबान्धव विभो शीतांशो स्वस्ति न: कुरु।


कार्तिक पूर्णिमा की कथा

प्राचीन समय की बात है, एक नगर में दो व्यक्ति रहते थे। एक नाम लपसी था और दूसरे का नाम तपसी था। तपसी भगवान की तपस्या में लीन रहता था, लेकिन लपसी सवा सेर की लस्सी बनाकर भगवान का भोग लगाता और लोटा हिलाकर जीम स्वयं जीम लेता था। एक दिन दोनों स्वयं को एक-दूसरे से बड़ा मानने के लिए लड़ने लगे। लपसी बोला कि मैं बड़ा हूं और तपसी बोला कि मैं बड़ा हूं, तभी वहां नारद जी आए और पूछने लगे कि तुम दोनों क्यूं लड़ रहे हो? तब लपसी कहता है कि मैं बड़ा हूं और तपसी कहता है कि मैं बड़ा हूँ। दोनों की बात सुनकर नारद जी ने कहा कि मैं तुम्हारा फैसला कर दूंगा।




अगले दिन तपसी नहाकर जब वापिस आ रहा था, तब नारद जी ने उसके सामने सवा करोड़ की अंगूठी फेंक दी। तपसी ने वह अंगूठी अपने नीचे दबा ली और तपस्या करने बैठ गया। लपसी सुबह उठा, फिर नहाया और सवा सेर लस्सी बनाकर भगवान का भोग लगाकर जीमने लगा। तभी नारद जी आते हैं और दोनों को बिठाते हैं। तब दोनों पूछते है कि कौन बड़ा। है? तपसी बोला कि मैं बड़ा हूं। नारद जी बोले – तुम पैर उठाओ और जब पैर उठाया तो सवा करोड़ की अंगूठी निकलती है। नारद जी कहते हैं कि यह अंगूठी तुमने चुराई है। इसलिए तेरी तपस्या भंग हो गई है और तपसी बड़ा है।
सभी बातें सुनने के बाद तपसी नारद जी से बोला कि मेरी तपस्या का फल कैसे मिलेगा? तब नारद जी उसे कहते हैं – तुम्हारी तपस्या का फल कार्तिक माह में पवित्र स्नान करने वाले देगें उसके आगे नरद जी कहते हैं कि सारी कहानी कहने के बाद जो तेरी कहानी नहीं सुनाएगा या सुनेगा, उसका कार्तिक का फल खत्म हो जाएगा।

Hindi SMS, Wishes Kartik Purnima

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Wishes On Karthika Purnima
Happy Kartik Poornima 2017.

Jyut Sy Jyut Jagty Chaalo Prem Ki Ganga Bahate Chalo Raah Mein Aayye Jo Deen Dukhi. Sbko Galy Sy Lgty Chaalo Din Ayge Ga Sbka Sunehra Isliye Meri Or Sy Happy Kartik Purnima 2017.

आज आपने जाना Kartik Purnima के बारे में, जिसमे इसकी कथा, व्रत विधि और इसे क्यों मानते है ये सब था. अगर आपको मेरा ये लेख बहुत अच्छा लगा तो कमेंट करके बताये और दोस्तों को भी इस कार्तिक पूर्णिमा के बारे में बता सकते हैं जिसके लिए facebook, twitter पर पोस्ट को share करना परेगा.

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