Top 99 Mahatma Gandhi Quotes In Hindi

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महात्मा गाँधी के जिन्हें पूरी दुनिया बापू के नाम से जानती है उनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 में हुआ था और उनका देहांत 30 Jan 1948 में हुआ. बापू भारत के राष्ट्रपिता कहलाते हैं और देश की आजादी में इनका सहयोग कोई नहीं भूल सकता हैं. 2 अक्टूबर को सभी साल इनके जन्म दिवस को जयंती के रूप में मानते है और इस दिन सभी सरकारी दफ्तरों में छुटिया रहती हैं. ये अहिंसा के पुजारी थे इन्होने अपने जीवन में बहुत सी ऐसे बाते कही है जिसे आज भी माना जाता हैं. आज के युवा को इनके Quotes पढने चाहिए जिससे उन्हें जीवन में बहुत मदद मिलेगी. इसलिए आज मैं “Top 99 Mahatma Gandhi Quotes In Hindi” का लेख आपके लिए लिख रहा हूँ. ये सभी बाते गांधीजी ने बोली थी जिससे आपको पढना चाहिए.

Mahatma Gandhi Quotes
Mahatma Gandhi Quotes

Mahatma Gandhi Quotes In Hindi

    1. विश्वास करना एक गुण है, अविश्वास दुर्बलता कि जननी है।
    2. व्यक्ति अपने विचारों से निर्मित प्राणी है, वह जो सोचता है वही बन जाता है.
    3. खुशियाँ तभी हैं जब आप जो सोचते हैं, जो कहते हैं और जो करते हैं, सामंजस्य में हों।
    4. अपने प्रयोजन में द्रढ विश्वास रखने वाला एक सूक्ष्म शरीर इतिहास के रुख को बदल सकता है।
    5. हमेशा अपने विचारों, शब्दों और कर्म के पूर्ण सामंजस्य का लक्ष्य रखें. हमेशा अपने विचारों को शुद्ध करने का लक्ष्य रखें और सब कुछ ठीक हो जायेगा.
    6. आपको इंसानियत पर कभी भी भरोसा नहीं तोडना चाहिए क्योंकि इस दुनिया में इंसानियत एक ऐसा समुद्र है जहाँ अगर कुछ बूँदें गंदी हो भी जाएँ तो भी समुद्र गंदा।
    7. खुद के अंदर के उत्साह को जगाने के लिए किये गये प्रयास ही इंसान को जानवरों से अलग बनाते है.
    8. शांति का कोई रास्ता नहीं है, केवल शांति है।
    9. कुछ ऐसा जीवन जियो जैसे की तुम कल मरने वाले हो, कुछ ऐसा सीखो जिससे कि तुम हमेशा के जीने वाले हो।– महात्मा गाँधी (Mahatma Gandhi)
    10. एक आँख के बदले आँख ही पूरी दुनिया को अँधा बना कर समाप्त होता है।
    11. बहोत से लोग, विशेषतः अज्ञानी लोग, जब आप सही बोल रहे हो, जब आप अच्छा कम कर रहे हो तब वे आपको सजा देना चाहेंगे. जब आप सही हो तब कभी क्षमा मत मांगिये. जब भी आप सही होते हो तब आपको ये पता होता है, तब आप अपने दिमाग से बोलिए. दिमाग से बाते कीजिये. फिर चाहे सच बोलने वाले दुनिया में कम ही क्यू ना हो सच अंत तक सच ही रहता है.
    12. आँख के बदले में आँख पूरे विश्व को अँधा बना देगी।




  1.  थोडा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है.
  2. पहले वह आपकी उपेक्षा करेंगे, उसके बाद आपपे हसंगे, उसके बाद आपसे लड़ाई करेंगे, उसके बाद आप जीत जायेंगे।
  3. ताकत कभी शारीरिक क्षमता से नहीं आती. ताकत हमेशा आपकी अदम्य (दृढ़) इच्छाशक्ति से आती है.
  4. जो समय बचाते हैं, वे धन बचाते हैं और बचाया हुआ धन, कमाएं हुए धन के बराबर है।
  5. खुद वो बदलाव बनिए जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं.
  6. जब में सूर्यास्त और चन्द्रमा के सौंदर्य की प्रसंशा करता हूँ, मेरी आत्मा इसके निर्माता के पूजा के लिए विस्तृत हो उठती है।
  7. मानवता की महानता मानव बनने में नहीं, बल्कि मानवता के प्रति दयालु बनने में है.
  8. अगर आप कुछ नहीं करोगे तो आपके पास कोई परिणाम नहीं होगा.
  9. केवल प्रसन्नता ही एकमात्र इत्र है, जिसे आप दुसरो पर छिड़के तो उसकी कुछ बुँदे अवश्य ही आप पर भी पड़ती है।
  10. विश्वास को हमेशा तर्क से तौलना चाहिए. जब विश्वास अँधा हो जाता है तो मर जाता है.
  11. जब में सूर्यास्त और चन्द्रमा के सौंदर्य की प्रसंशा करता हूँ, मेरी आत्मा इसके निर्माता के पूजा के लिए विस्तृत हो उठती है।
  12. जहाँ प्रेम है वहीँ जीवन है।
  13. आपकी सच्ची ख़ुशी आप जो करते हो, जो कहते हो और इन दोनों में जो तालमेल बिठाते हो, उसपे निर्भर करती है.
  14. विश्वास को हमेशा तर्क से तौलना चाहिए. जब विश्वास अँधा हो जाता है तो मर जाता है।
  15. जब तक गलती करने की स्वतंत्रता ना हो तब तक स्वतंत्रता का कोई अर्थ नहीं है.
  16. हो सकता है हम ठोकर खाकर गिर पड़ें पर हम उठ सकते हैं; लड़ाई से भागने से तो इतना अच्छा ही है।
  17. एक सोसाइटी की महानता और प्रगति इस बात से आकी जा सकती है की वहा कमजोर और असुरक्षित सदस्यों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है.
  18. मौन सबसे सशक्त भाषण है, धीरे-धीरे दुनिया आपको सुनेगी।
  19. पूर्ण धारणा के साथ बोला गया “नहीं” सिर्फ दूसरों को खुश करने या समस्या से छुटकारा पाने के लिए बोले गए “हाँ” से बेहतर है.
  20. मैं हिंसा का विरोध करता हूँ क्योंकि जब ऐसा दीखता है वह अच्छा कर रहा है तब वह अच्छाई अस्थाई होती है, और जो बुराई करती है वह स्थाई होती है।
  21. हो सकता है हम ठोकर खाकर गिर पड़ें पर हम उठ सकते हैं; लड़ाई से भागने से तो इतना अच्छा ही है।
  22. एक देश की संस्कृति दिलों में और अपने लोगों की आत्मा में रहता है।
  23. दलित रहते हुए विजय प्राप्त करना मैंने हुसैन से सिखा.
  24. सत्य एक विशाल वृक्ष है, उसकी ज्यों-ज्यों सेवा की जाती है, त्यों-त्यों उसमे अनेक फल आते हुए नजर आते है, उनका अंत ही नहीं होता।
  25. प्रार्थना पूछना नहीं है, यह तो आत्मा की लालसा है, यह दुर्बलता का दैनिक स्वीकारोक्ति है। प्रार्थना के समय दिल लगाना बिना वचन के वचन के साथं दिल ना होने से तो बेहतर है।
  26. आप मुझे जंजीरों में जकड सकते है, यातना दे सकते है, यहाँ तक की आप इस शरीर को नष्ट कर सकते है लेकिन आप कभी मेरे विचारो को कैद नहीं कर सकते.
  27. विश्व के सभी धर्म, भले ही और चीजों में अंतर रखते हों, लेकिन सभी इस बात पर एकमत हैं कि दुनिया में कुछ नहीं बस सत्य जीवित रहता है।

Mahatma Gandhi Quotes In Hindi

  1. कोई त्रुटी तर्क-वितर्क करने से सत्य नहीं बन सकती और ना ही कोई सत्य इसलिए त्रुटी नहीं बन सकता है क्योंकि कोई उसे देख नहीं रहा।
  2. सत्य एक है, मार्ग कई।
  3. जब भी आपका विरोधियो के साथ सामना हो. तब अपने प्यार से उन्हें परास्त कीजिये.
  4. एक महिला का सबसे बड़ा आभूषण उसका चरित्र और उसकी शुद्धता है.
  5. क्रोध और असहिष्णुता सही समझ के दुश्मन हैं।
  6. विश्व के सभी धर्म, भले ही और चीजों में अंतर रखते हों, लेकिन सभी इस बात पर एकमत हैं कि दुनिया में कुछ नहीं बस सत्य जीवित रहता है.
  7. कोई त्रुटी तर्क-वितर्क करने से सत्य नहीं बन सकती और ना ही कोई सत्य इसलिए त्रुटी नहीं बन सकता है क्योंकि कोई उसे देख नहीं रहा.
  8. अगर धैर्य लायक कुछ भी है, तो कोई भी आखरी वक्त तक और अगर जिन्दा विश्वास एक काले घने तूफान में भी खड़े रहने की शक्ति रखता है।
  9. मै अपने विचारो को स्वतंत्र बनाने के लिए आज़ादी चाहता हु.
  10. पूंजी अपने-आप में बुरी नहीं है, उसके गलत उपयोग में ही बुराई है। किसी ना किसी रूप में पूंजी की आवश्यकता हमेशा रहेगी।
  11. दुनिया में ऐसे कई लोग है जो इतने भूखे है की भगवान उन्हें किसी और रूप में नहीं दिख सकता सिवाय रोटी के रूप में.
  12. अपनी गलती को स्वीकारना झाड़ू लगाने के सामान है जो धरातल की सतह को चमकदार और साफ़ कर देती है।
  13. पूंजी अपने-आप में बुरी नहीं है, उसके गलत उपयोग में ही बुराई है. किसी ना किसी रूप में पूंजी की आवश्यकता हमेशा रहेगी.
  14. कुछ करना है, प्यार से करें या तो ना करें
  15. गरीबी दैवीय अभिशाप नहीं बल्कि मानवरचित षड्यंत्र है.
  16. निरंतर विकास जीवन का नियम है, और जो व्यक्ति खुद को सही दिखाने  के लिए हमेशा अपनी रूढ़िवादिता को बरकरार रखने की कोशिश करता है वो खुद को गलत स्थिति में पंहुचा देता है।
  17. अपनी गलती को स्वीकारना झाड़ू लगाने के समान है जो सतह को चमकदार और साफ़ कर देती है.
  18. शक्ति शारीरिक क्षमता से नहीं आती है। एक अदम्य इच्छा शक्ति से आता है।
  19. निरंतर विकास जीवन का नियम है, और जो व्यक्ति खुद को सही दिखाने के लिए हमेशा अपनी रूढ़िवादिता को बरकरार रखने की कोशिश करता है वो खुद को गलत स्थिति में पंहुचा देता है.
  20. प्रार्थना सुबह की कुंजी है और शाम का सोंदर्य।
  21. अहिंसा ये कभी न बदलने वाला धर्म है.
  22. यद्यपि आप अल्पमत में हों, पर सच तो सच है।
  23. जो भी चाहे अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुन सकता है। वह सबके भीतर है।
  24. जिज्ञासा के बिना ज्ञान नहीं होता. दुःख के बिना सुख नहीं होता.
  25. गर्व लक्ष्य को पाने के लिए किये  गए प्रयत्न में निहित है, ना कि उसे पाने में।
  26. यदि मनुष्य सीखना चाहे तो उसकी हर भूल उसे कुछ शिक्षा दे सकती है.
  27. मैं मरने के लिए तैयार हूँ, पर ऐसी कोई वज़ह नहीं है जिसके लिए मैं मारने को तैयार हूँ।
  28. मैं सभी की समानता में विश्वास रखता हूँ, सिवाय पत्रकारों और फोटोग्राफरों की.
  29. सत्य बिना जन समर्थन के भी खड़ा रहता है. वह आत्मनिर्भर है.
  30. ताकत दो तरह की होती है. एक जो सजा के डर से आती है और दूसरी वह जो प्यार से आती है.
  31. भगवान का कोई धर्म नहीं है।
  32. सत्य कभी भी ऐसे कारण को क्षति नहीं पहुंचता जो उचित हो.
  33. जीवन की गति बढाने की अपेक्षा भी जीवन में बहुत कुछ है।
  34. तुम मुझे चैन में बांधो, या मेरे साथ यंत्रणा या अत्याचार करो, या मेरे पुरे शारीर को नष्ट कर दो, परन्तु तुम मेरे मन को कैद नहीं कर सकते।
  35. प्यार से आने वाली ताकत 1000 बार प्रभावकारी साबित हो सकती है पर सजा के डर से आने वाली ताकत हमेशा के लिए प्रभावशाली साबित हो सकती है
  36. मैं किसी को भी गंदे पाँव के साथ अपने मन से नहीं गुजरने दूंगा।
  37. मेरी अनुमति के बिना कोई भी मुझे ठेस नहीं पहुंचा सकता।
  38. पाप से घृणा करो, पापी से प्रेम करो।
  39. प्रार्थना माँगना नहीं है। यह आत्मा की लालसा है।  यह हर रोज अपनी कमजोरियों की स्वीकारोक्ति है। प्रार्थना में बिना वचनों के मन लगाना, वचन होते हुए मन ना लगाने से बेहतर है।
  40. हंसी मन की गांठें बड़ी आसानी से खोल देती है।
  41. सात घनघोर पाप: काम के बिना धन;अंतरात्मा के बिना सुख;मानवता के बिना विज्ञान;चरित्र के बिना ज्ञान;सिद्धांत के बिना राजनीति;नैतिकता के बिना व्यापार ;त्याग के बिना पूजा।
  42. कुरीति के अधीन होना कायरता है, उसका विरोध करना पुरुषार्थ है।
  43. वहाँ न्याय के न्यायालयों की तुलना में एक उच्च न्यायालय है और जो कि अंतरात्मा की अदालत है। यह अन्य सभी अदालतों को प्रतिस्थापित करता है।
  44. आप आज जो करते हैं उस पर भविष्य निर्भर करता है।
  45. चलिए सुबह का पहला काम ये करें कि इस दिन के लिए संकल्प करें कि- मैं दुनिया में किसी से डरूंगा। नहीं.-मैं केवल भगवान से डरूं। मैं किसी के प्रति बुरा भाव ना रखूं। मैं किसी के अन्याय के समक्ष झुकूं नहीं। मैं असत्य को सत्य से जीतुं। और असत्य का विरोध करते हुए, मैं सभी कष्टों को सह सकूँ।
  46. एक देश की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से आँका जा सकता है कि वहां जानवरों से कैसे व्यवहार किया जाता है।
  47. स्वयं को जानने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है स्वयं को औरों की सेवा में डुबो देना।
  48. मृत, अनाथ, और बेघर को इससे क्या फर्क पड़ता है कि यह तबाही सर्वाधिकार या फिर स्वतंत्रता या लोकतंत्र के पवित्र नाम पर लायी जाती है?
  49. मैं तुम्हे शांति का प्रस्ताव देता हूँ. मैं तुम्हे प्रेम का प्रस्ताव देता हूँ. मैं तुम्हारी सुन्दरता देखता हूँ.मैं तुम्हारी आवश्यकता सुनता हूँ.मैं तुम्हारी भावना महसूस करता हूँ।
  50. हम जो दुनिया के जंगलों के साथ कर रहे हैं वो कुछ और नहीं बस  उस चीज का प्रतिबिम्ब है जो हम अपने साथ और एक दूसरे के साथ कर रहे हैं।
  51. कुछ करने में, या तो उसे प्रेम से करें या उसे कभी करें ही नहीं।
  52. जिस दिन प्रेम की शक्ति, शक्ति के प्रति प्रेम पर हावी हो जायेगी, दुनिया में अमन आ जायेगा।
  53. जो लोग अपनी प्रशंसा के भूखे होते हैं, वे साबित करते हैं कि उनमें योग्यता नहीं है।
  54. पुस्तकों का मूल्य रत्नों से भी अधिक है, क्योंकि पुस्तकें अन्तःकरण को उज्ज्वल करती हैं।
  55. चरित्र की शुद्धि ही सारे ज्ञान का ध्येय होनी चाहिए।
  56. कोई भी संस्कृति जीवित नहीं रह सकती यदि वह अपने को हम दबाव से अनुशासन नहीं सीख सकते।
  57. सुख बाहर से मिलने की चीज नहीं, मगर अहंकार छोड़े बगैर इसकी प्राप्ति भी होने वाली नहीं।
    अन्य से पृथक रखने का प्रयास करे।
  58. आप मानवता में विश्वास मत खोइए. मानवता सागर की तरह है; अगर सागर की कुछ बूँदें गन्दी हैं, तो सागर गन्दा नहीं हो जाता.
  59. समाज में से धर्म को निकाल फेंकने का प्रयत्न बांझ के पुत्र करने जितना ही निष्फल है और अगर कहीं सफल हो जाय तो समाज का उसमे नाश होता है।
  60.  मै हिंदी के जरिये प्रांतीय भाषाओं को दबाना नहीं चाहता, किन्तु उनके साथ हिंदी को भी मिला देना चाहता हूं।



English में गाँधी जी अच्छे विचार

  • First they ignore you, then they laugh at you, then they fight you, then you win.
  • It’s day of celebration, it’s day to value a special person, person who is the cause of our nation, who thought world the lesson of non – violence, it’s Mahatma Gandhi, the father of the nation Bapu Ji.
  • It’s day of celebrations,
    It’s day to value a special person,
    Person who is the cause of our nation,
    Who taught world the lesson of non-violence,
    It’s Mahatama Gandhi – The Father of Nation

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